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पित्ताशय की पथरी सर्जरी: जानिए सर्जरी से पहले, दौरान और बाद में क्या होता है

पित्ताशय की पथरी की सर्जरी बेहद सामान्य तौर पर की जानेवाली सर्जरी है। कुछ क्वचित केस को छोड़ के, यह सर्जरी लेप्रोस्कोपिक पध्धति यानि की minimally invasive method से की जाती है। एक डॉक्टर होने के नाते, में यह समझता हूँ की यह सर्जरी एक आम सर्जरी होने के बावजूद, जिसको भी यह सर्जरी करवानी होती है, उस व्यक्ति के मनमें इसके बारे मे कई आशंकाएँ हमेशा होती है।और मैंने अपने मरीजों को देखकर सीखा है की, वास्तव मे पूरी प्रक्रिया को जानकर निश्चित रूप से यह चिंता कम हो जाती है। इसलिए यह आर्टिकल सर्जरी की प्रतीक्षा करनेवाले मरीजों को, सर्ज्रन की नजर से, यह पूरी प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए है।

हॉस्पिटल मे एडमिट होने से पहले की तैयारी

एकबार आपके पित्ताशय की पथरी की सर्जरी, उसकी तारीख और समय तय हो जाये इसके बाद, सर्जिकल टीम ऑपरेशन का समय सूचित करने के लिए ऑपरेशन थियेटर इन्चार्ज से सम्पर्क करती है।ऑपरेशन थियेटर इन्चार्ज सर्जरी की तारीख और समय के बारे मे एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर को अवगत क२ाते है।  सर्जन भी एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर को कॉल करके सर्जरी का क्या आयोजन है, और सर्जरी के दौरान क्या अपेक्षित है इसकी चर्चा करेंगे। एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर इस समय जानना चाहेंगे की मरीज को कोई बीमारी है या नहीं, और कोई दवाइयां चल रही है या नहीं। सर्जरी से पहले उस बीमारी के बारे मे फिर से जाँच करवाने की जरूरत है या नहीं, और दवाइयों में बदलाव करने की जरूरत है या नहीं। अगर ऐसा हे तो इस परिस्थिति मे, आपके सर्जन आपको यह सब करने की सलाह देंगे और जरूरत होने पर सर्जरी में देरी भी हो सकती है।

ऑपरेशन थियेटर इन्चार्ज सर्जरी से पहले यह सुनिश्चित करेंगे की सभी उपकरणों अच्छी तरह से स्टरिलाइज़ कर दिये जाए, सभी उपकरण सही तरह से काम कर रहे है और सर्जरी के दौरान जरूरी सब चीजे OT में उपलब्ध है। 

होस्पिटल में एडमिट होने के बाद क्या होता है 

एकबार आप होस्पिटल में एडमिट हो जाते है, तो डयूटी पर मौजूद डोक्टर आपकी सभी जाँच की रिपोर्ट देखेंगे और सर्जन के निर्देशों का पालन करेंगे। डॉक्टर यह भी सुनिश्चित करेंगे की सर्जरी के निर्धारित समय के 6 घंटे पहले से आपने भोजन और पानी नहीं लिया है। इसके बाद वह आपके सर्जन से बात करेंगे और उनको आपके एडमिट होने के बारे में और आपकी सभी पूर्व जांचों के बारे में अवगत करेंगे। आपके सर्जन को आपके टेम्परेचर, पल्स, ब्लड प्रेसर, सुगर के बारे में भी बताया जाता है। आपके सर्जन की सलाह के अनुसार, डयूटी पर मौजूद डॉक्टर, ECG, ब्लड टेस्ट, और X -Ray जैसी बाकी की जाँच पूरी करेंगे।  

एनेस्थेटिस्ट  डॉक्टर को भी आपके एडमिट होने के बारे में, आपके पहले के और अभी के नये जाँच के रिपोर्ट के बारे में बताया जाता है। शरीर के सर्जरी करने की जगह को शेविंग करके सर्जरी के लिए तैयार किया जाता है। इस समय सर्जरी के लिए आपकी सहमति के लिए consent फॉर्म पे साइन ली जाएगी।  यह सब करते वक्त, डयूटी पर मौजूद डॉक्टर आपको और आपके प्रियजनों की चिंता कम कर के होंसला बढ़ाने की कोशिश करेंगे। हॉस्पिटल में हर कोई आपकी, सर्जरी से पहले की चिंता को समझता है।

एनेस्थेसिया देने से पहले ऑपरेशन थियेटर में क्या होता है

रिकवरी रूम में

सर्जरी के तय समय के 10-15 मिनिट पहले आपको OT के रिकवरी रूम  में शिफ्ट किया जाता है। फिर से नर्सिंग स्टाफ आपके सभी रिपोर्ट देखेंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे की सभी तैयारी योग्य रूप से की गई है। आपके सर्जन या एनेस्थेटिस्ट या दोनों आयेंगे और आप को चिंतामुक्त करने के उदेश्य से आपको मिलेंगे। अंत में, ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट होने से पहले, आपको यूरिन पास करने के लिए वॉशरूम जाने को कहा जायेगा।

ऑपरेशन थियेटर के अंदर 

जब आप ऑपरेशन थियेटर में प्रवेश करते हो तो आप OT के कुछ स्टाफ को विविध उपकरणों और साधनों को तैयार करते देख पाओगें। आपको OT टेबल पे लेटाया जायेगा। दवाइयों को शरीर में दाखिल करने के लिए एक इंट्राविनस लाइन (IV line) आपके हाथ में लगाई जाती है। ECG lead, ब्लड प्रेसर कफ, और पल्स- ऑक्सीजन सेन्सर भी लगाया जाता है।  वे पूरी सर्जरी के दौरान आपके पल्स, BP, ऑक्सीजन लेवल, और ह्रदय की गतिविधि पर निगरानी रखेंगे। यह पूरी प्रक्रिया के दौरान एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर, OT स्टाफ, और आपके सर्जन आपसे बातें करते रहेंगे ताकि ये सब आपको डरावना ना लगे।

एकबार ये सब तैयारियां हो जाये, तब एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर आपके चहेरे पर मास्क लगाएंगे  और आपको मास्क से साँस लेने के लिए कहेंगे। इस मास्क से एनेस्थेटिक  गैस आएगी जिससे आप को थोड़ी नींद आने लगेगी। आगेकी दवाइयां आपको IV line के माध्यम से दी जाएगी, ताकि आपको पूरी तरह से नींद आ जाये। जब आप गहरी नींद में चले जाये, तब एनेस्थेटिस्ट आपके मुंहसे एक ट्यूब (नली) को आपकी साँस की नली में रख देंगे। पूरी सर्जरी के दौरान यह ट्यूब और एक वेंटिलेटर के जरिए आप साँस लेते रहोगे। एनेस्थेटिस्ट आपकी नींद की और साँस की गहराई को नियंत्रित रखेंगे, और मॉनिटर पर अपनी सतर्क नजर बनाये रखेंगे। मॉनिटर आपके पल्स, BP, ऑक्सीजन लेवल, और ह्रदय की गतिविधि को दर्शाता है।  तो अब आपका आराम करने का और सोने का समय है। सर्जरी ख़त्म होने के बाद, एनेस्थेटिस्ट आपको धीरे-धीरे वापस होश में लाएंगे

आपकी सर्जरी करनेवाली टीम को जाने

आपकी सर्जरी सिर्फ आपके सर्जन द्वारा नहीं की जाती है। सर्जरी के दौरान एक पूरी टीम काम कर रही होती है।  हर सर्जरी, टीम में कई सदस्यो के द्वारा किए गए कई कार्यो का एक जटिल संयोजन है, चाहे वह एक एक सामान्य रूप से की जानेवाली सर्जरी भी क्यों न हो। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद लघुतम दर्द और तेजी से होनेवाली रिकवरी की वजह से यह प्रक्रिया बेहद आसान लगती है, लेकिन वास्तव में, ऐसा नहीं है। 

 सर्जरी के दौरान, OT  में, सर्जरी को सफल बनाने के लिए 6-7 लोग सक्रिय रूप से कार्य कर रहे होते है। इनमें एक एनेस्थेटिस्ट और एनेस्थेसिया से संबंधित कार्य के लिए एक सहायक स्टाफ भी शामिल होते है।

सर्जन को मिलाके, करीबन चार लोग सर्जरी की प्रक्रिया में जुड़े होते है। केमेरा के नियंत्रण के लिए एक व्यक्ति, एक सहायक, और ट्रॉली से जरूरी चीजें देने के लिए एक व्यक्ति सर्जन को साथ देते है। केमेरा के नियंत्रण के लिए नियुक्त व्यक्ति केमेरा का प्रभारी है और पूरी सर्जरी के दौरान सर्जन की दृष्टि का मार्गदर्शन करता है। दूसरा सहायक सर्जन को सर्जरी के दौरान जब भी और जहां भी सर्जरी के लिए जगह बनाने की जरूरत हो वहां मदद करता है। ट्रॉली के लिए नियुक्त सहायक, उपकरणों के आदान-प्रदान एवम सर्जरी के दौरान जरूरी चीजे ट्रॉली पर उपलब्ध कराने में मदद करता है। 

इसके अलावा, एक रनर स्टाफ स्टैंड-बाय रखा जाता है, जो सर्जरी के दौरान अगर कोई अचानक जरूरत की परिस्थिति बनती है तो इसमें मदद करता है। आपको इच्छित परिणाम देने के लिए, एक अच्छे और समन्वित (Coordinated) टीमवर्क की आवश्यकता है।

आपके पित्ताशय की पथरी की सर्जरी में आगे क्या होगा

एनेस्थेसिया और सर्जरी की तैयारी

एकबार आप को गहरी नींद आ जाती है और एनेस्थेटिस्ट सब नियंत्रण मे है ऐसा कहे, इसके बाद सर्जिकल टीम अपना कार्य शुरू करती है।

सब से पहले, वे शरीर के उस हिस्से को तैयार करेंगे जहां सर्जरी की जानी है, यानि की आपका पेट। पेट पर betadine solution योग्य पध्धति से लगाकर, इसे कीटाणुरहित किया जाता हे। इसे पेन्टिंग कहा जाता है यानि की उस हिस्से को betadine से पेईन्ट करना। इसके बाद आपके पेट के हिस्से को छोड़कर पूरा शरीर कीटाणुरहित ड्रेप (drape) से ढक दिया जाता है। इसे ड्रेपिंग कहते है, जो कीटाणुरहित सर्जरी की जगह को शरीर के बाकी हिस्से से अलग करता है।

इसके बाद, टीम सभी उपकरणों को तैयार करती है। इसमें, लेप्रोस्कोपिक सिस्टम और ऊर्जा स्त्रोत शामिल है। लेप्रोस्कोपिक सिस्टम में केमेरा, एक लेप्रोस्कोप, लाइट स्त्रोत का केबल, और एक insufflating tube जो आपके पेट में CO2 गेस भरने के लिए होती है, वे सब शामिल है। इन सबको ETO sterilization जैसी विशिष्ट पध्धति से पहले से कीटाणुमुक्त किया जाता है। ऊर्जा स्त्रोत एक ऐसा उपकरण है, जो ब्लडलॉस के बिना सर्जरी को पूर्ण करने में मदद करता है। 

पेट में गैस भरना, लोकल एनेस्थेटिक इंजेक्शन, और पोर्ट(port) प्लेसमेन्ट 

एकबार सब तैयारी हो जाती है इसके बाद, सर्जन पहला चीरा लगाने की जगह पर, छोटी मात्रा में एनेस्थेटिक सोल्यूसन इन्जेक्ट करेंगे। इससे, सर्जरी के बाद में आपको दर्द रहित रखनें में हमें मदद मिलती है। अब, एक छोटा सा चीरा आपकी नाभि के पास किया जाता है और इस के माध्यम से एक विशिष्ट needle (सुई ) को आपके पेट मे दाखिल की जाती है। सुई उचित स्थान पर होने की पुष्टि करने के बाद, insufflating tube को इस सुई से जोड़ा जाता है और CO2  गेस  भरना शुरू किया जाता हे। एकबार पेट में जगह बनाने के लिए पर्याप्त गैस भर जाने के बाद, सुई को हटा दिया जाता है, और उसी छेद से पहला पोर्ट पेट में दाखिल किया जाता है। यह पोर्ट एक hollow (खोखली) मेटल की ट्यूब होती है  जिसके माध्यम से लेप्रोस्कोप एवम अन्य उपकरण आपके पेट के अंदर जा सकते है। पूरी सर्जरी के दौरान, जगह बनाये रखने के लिये, लगातार गेस भी भरी जाती है। 

अब लेप्रोस्कोप को आपके पेट में दाखिल करने का समय है, और इसकी लाइव इमेज सर्जिकल टीम के सामने मॉनिटर पर दिखाई देती है। अब सर्जन, सर्जरी को आगे बढाने से पहले, पेट के अंदर का निरीक्षण करते है।  यह हो जाने के बाद, एनेस्थेटिक सोल्यूसन इन्जेक्ट करके नए छेद किये जाते है जिसमे तीन और पोर्ट रखे जाते हे। यह तीन नए पोर्ट्स, मॉनिटर पर दिखनेवाली लेप्रोस्कोप की इमेज के तहत रखे जाते है। मतलब की, जब पोर्ट्स रखे जाते है उस वक्त सर्जन लेप्रोस्कोप की मदद से उन्हें पेट में अंदर आते स्पष्ट रूप से देख सकते है। इसलिए, सर्जन उन्हें आपके केस में जहां जरूरत हो, ठीक उसी जगह पर रख सकते है।

वास्तविक सर्जरी  

अब, सही मायने में सर्जरी शुरू होती है। केमेरा के लिए नियुक्त व्यक्ति, सर्जरी की ठीक जगह को स्पष्ट फोकस के साथ दिखाता है। सहायक एक पोर्ट के द्वारा, एक उपकरण को अंदर दाखिल करता है, और पित्ताशय के फंड्स(ऊपरी हिस्सा) पकड़ता है और इसे आपके दाहिने कंधे की ओर धकेलता है। अब आपके सर्जन सर्जरी की जगह को ठीक और स्पष्ट रूप से देख सकते है। अब वह अपना ध्यान उस नली पर  केन्द्रित करते है जो मुख्य पित्तनली को पित्ताशय से जोड़ती है। ऊर्जा स्त्रोत की मदद से वह नली के ऊपर स्थित टिस्यू को काट देते है। ऐसा करने से सर्जन सिस्टिक डक्ट(cystic duct / पित्ताशय की नली) को स्पष्ट रूप से पहचान पाते है। यह नली छोटी और पतली नली है जो पित्ताशय को मुख्य पित्तनली से जोड़ती है। सर्जन पित्ताशय को खून पहोचानेवाली नस की भी ठीक से पहचान करते है।

फिर सर्जन दोनों पर कई क्लिप्स लगाते है और उन्हें काट देते है। इस तरह पित्ताशय को मुख्य पित्तनली से अलग किया जाता है। अब पित्ताशय को ऊर्जा उपकरण की मदद से लिवर से बिना खून निकाले अलग किया जाता है। अब पित्ताशय पथरी के साथ, आपके पेट में से बाहर निकालने के लिए तैयार है। सर्जरी के बारे में जानने के लिए यह वीडियो देखें। 

पित्ताशय को निकालना और सर्जरी को पूर्ण करना 

अब,एक पोर्ट के माध्यम से पित्ताशय को पेट में से निकाला जाता है। कई बार इसको निकालने के लिए, एक छोटी सी प्लास्टिक बेग का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे Endo bag भी कहा जाता है। जब पित्ताशय निकालते वक्त, पथरी के फैलने की संभावना होती है, तब यह बेग का इस्तेमाल होता है। 

अंत मे, सर्जन सर्जरी की पूरी जगह का निरीक्षण करेँगे। सर्जरी पूर्ण करने से पहले, यह सुनिश्चित करेंगे की क्लिप्स अपनी जगह पर है और कही से कोई ब्लीडिंग नहीं हो रही है।  अब, लेप्रोस्कोप से देखते हुए, सभी पोर्ट्स और उपकरण हटाये जाते है। गैस को पेट से बाहर निकाला जाता है। 10 mm पोर्ट की जगह के स्नायु  को एक स्टीच से बंध किया जाता है। यह स्टीच अपने-आप पिघलनेवाला (self dissolving) होता है और कुछ महीनों के बाद पिघल जाता है। 5 mm पोर्ट की जगह के स्नायु को बंध करने के लिए ऐसे कोई स्टीच की जरूरत नहीं होती है। इसके बाद, त्वचा के घाव को सर्जिकल ग्लू से बंध किया जाता है और इसे bandage से ढक दिया जाता है। अब, होश में आने के लिए तैयार है।

इस सर्जरी को बहेतर तरिके से समझने के लिए यह वीडियो देखे। 

सर्जरी पूरी होते ही,क्या होता है

एकबार सर्जरी खत्म हो जाए, फिर एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर दवाइयों में ऐसे बदलाव करेंगे की आप का होश में आना शुरू हो जायेगा। एकबार उन्हें यकीन हो जाए की आप इतने होश में आ गये है की, अपने आप साँस ले सकते है और लार (saliva) को निगल सकते है, तब वह आप की श्वासनली में रखी ट्यूब को निकालेंगे। वह ये भी सुनिश्चित करेंगे की आप कम्फर्टेबल हो, आपको दर्द न हो रहा हो और आप अच्छी तरह से सांस ले रहे हो। एकबार, उन्हें यकीन हो जाए की आप स्वस्थ हो, तब हम आपको शिफ्टिंग बेड पर ले लेंगे। फिर आपको, इस बेड पर ही रिकवरी रूम में ले जाया जाता है।

रिकवरी रूम में, आपके पल्स,  बीपी, और ऑक्सीजन पर करीबन 10 मिनिट तक निगरानी(monitoring) रखी जाती है। इस समय आप अभी भी थोड़ी नींद में होंगे । इसलिए, एक व्यक्ति आपकी स्थिति पर लगातार नजर बनाये रखने के लिए, और आपको आराम देने के लिए आप के साथ वहां होगा। सर्जन और एनेस्थेटिस्ट भी आप से मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे की आप स्वस्थ हो रहे है। वे आपके रिश्तेदारों से भी  बात करेंगे और उन्हें आप की स्थिति के बारे में बताएंगे और उन्हें आपसे मिलने की अनुमति देंगे।  यह सब आपको और आपके रिश्तेदारों को सर्जरी की चिंता से राहत देने के लिए किया जाता है।  

आप रूम में वापस आ जाते हो तब क्या होता है

रिकवरी: शुरू के कुछ घंटे 

एक बार आप पर्याप्त होश में आ जाते है तब आप को वापस अपने रूम में ले जाया जाता है। कुछ घंटो के लिए आपको आराम करने दिया जाता है। कोई भी जरूरत और मदद की स्थिति के लिए, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर उपलब्ध होंगे। 2 घंटे के बाद, स्टाफ आपके पल्स, BP, और ऑक्सीजन लेवल की जाँच करेंगे। जब उन्हें लगेगा की आप पूरी तरह से होश में है, तब आपको बैठने की सलाह दी जाती है। जैसे ही आप आरामदायक महसूस करने लगे, धीरे-धीरे  पानी और अन्य लिक्विड मुँह से देना शुरू किया जाता है।आपको स्टाफ की निगरानी में, बिस्तर से उठकर कुछ कदम चलने की सलाह दी जाती है।इस समय पर, सभी दवाइयां और  आइवी ड्रिप(IV drip) बंध किये जाते है। 

इसके बाद आपको वॉशरूम जाने की और यूरिन पास करने की सलाह दी जाती है। शुरूमें, थोड़ा दर्द हो सकता है, किन्तु जैसे ही आप घूमना-फिरना शुरू करेंगे, तब यह दर्द धीरेधीरे कम होता जायेगा। यदि दर्द ज्यादा है,तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आपके सर्जन से टेलीफोन से बात कर के आगे की दवाइयां देंगे। एक बार लिक्विड शुरू करने के बाद, सभी दवाइयां मुंह से ही दी जाती है और आपको उल्टी नहीं होती है। अगर आप की रिकवरी ठीक हो रही होती है, तब भी ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर आपके सर्जन को आपके बारे में अप-डेट करेंगे।  

आगे की रिकवरी और डिस्चार्ज 

सर्जरी के 4-5 घंटे के बाद, एक बार आपने ठीक से लिक्विड लिया हो, इसके बाद  नरम आहार शुरू किया जायेगा। सब ठीक चल रहा है ऐसा यकीन करने के लिए सर्जन भी आपसे मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के दौरान सर्जन आपसे घर जाने के बारेमें आपके मन की हर आशंका का समाधान करेंगे। अगले दिन सुबह आप स्नान कर सकते हो। बेंडेज वॉश-प्रूफ होता है, इसलिए इसके बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

Ready for discharge

एक बार आप पर्याप्त रूप से दर्द मुक्त हो, लिक्विड और भोजन ले सकते हो, यूरिन ठीक से हो रहा हो, तब आप हॉस्पिटल से छुट्टी के लिए तैयार है। ऐसे युवा दर्दी  जिसे कोई अन्य मेडिकल प्रॉब्लम ना हो, जो इसी शहर में रहते हो, उन्हें उसी दिन डिस्चार्ज किया जाता है। और बाकि सब को,सामान्य तौर से अगले दिन छुट्टी दी जाती है। 

पित्ताशय की पथरी की सर्जरी के बाद फॉलो-अप के लिए क्लिनिक की मुलाकात

डिस्चार्ज के कुछ ही दिनों में आपको फॉलो-अप के लिए क्लिनिक पर बुलाया जायेगा। उसका मुख्य उदेश्य आप स्वस्थ है ऐसा सुनिश्चित करना, और आपके घाव की जाँच करने का होता है। सर्जन आपके घावॉ की जाँच करेंगे, उसे साफ करेंगे और उस पर फिर से नए बेंडेज लगायेंगे। सर्जरी के बाद के आपके आहार और प्रवृतियों के बारे में सर्जन आपसे चर्चा करेंगे। इस समय आपके किसी भी अन्य प्रश्न का उत्तर दिया जायेगा।  

 आम तौर से, आप कुछ ही दिनों के बाद अपना सामान्य आहार फिर से शुरू कर सकते है। आपको एक सामान्य स्वस्थ आहार की ही जरूरत है। अन्य कोई बीमारी है, तब ही आहार में बदलाव की जरूरत होती है। 5 दिनों के बाद, स्नान करते समय, अपने आप घर पर ही आपको बेंडेज को निकाल देना होगा। यदि कोई विशेष कारण से, आपके घावो की फिर से जाँच करने की जरूरत है, तो आपके सर्जन आपको सूचित करेंगे।  

आपको हॉस्पिटल से आपकी बायोप्सी रिपोर्ट भी एकत्र करनी होगी। सामान्यतः,यह सर्जरी के 5-7 दिनों के अंदर उपलब्ध हो जाएगी। आपकी अगली विजिट एक महीने बाद होगी, वह  सिर्फ यह सुनिश्चित करने के लिए है  की आपको कोई स्वास्थ्य और खानपान संबंधित समस्या नहीं है। इस दौरान अगर कोई  जरूरत लगे, तो अपॉइन्टमेंट ले कर, आप डॉक्टर से मिल सकते है।  

एड्रोइट सेन्टर फॉर डायजेस्टिव एन्ड ओबेसिटी सर्जरी, हर प्रकार की पित्ताशय की सर्जरी और अन्य एडवान्स लेप्रोस्कोपिक सर्जरी नियमित रूप से करनेवाला सेंटर है। इंटरनेशनल स्टैन्डरड के अनुरूप परिणाम यहां मिलता है और हमारे ज्यादातर दर्दी इलाज से काफी संतृष्ट है। यही कारण हे की हमारे मरीज, डॉ. चिराग ठककर को पित्ताशय की पथरी के इलाज के लिए बेस्ट डॉक्टरो में से एक मानते है।

हमारे मरीजों की प्रतिक्रिया सुनने के लिए निचे दिए गए वीडियो पर क्लिक करे. 

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