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Dr.Chirag Thakkar
tips for staying hydrated after bariatric surgery

बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद हाइड्रेटेड रहने के सुझाव

विषय-सूची:

हाइड्रेटेड रहना यह एक ऐसा विषय है जो आजकल सोशल मीडिया पर विभिन्न संदर्भों में बहुत ही चर्चित है। लेकिन बेरियाट्रिक के मरीजों के लिए, बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद हाइड्रेटेड रहना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जिन मरीजों की बेरियाट्रिक सर्जरी हाल ही में हुई है, उनके जठर के टिश्यू हीलिंग की प्रक्रिया से गुजर रहे होते हैं। उन्हें सर्जरी वाली जगह पर ठोस (Solid) भोजन से होने वाली जलन से बचने के लिए कुछ दिनों तक तरल (liquid) आहार लेने की सलाह दी जाती है। उनके जठर का साइज़ भी कम हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप, उनका डायट भी कम हो जाता है। यदि हाइड्रेटेड रहने के लिए उचित सचेत प्रयास नहीं किए जाते हैं, तो डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) की संभावना अधिक होती है। इससे रिकवरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, हमारे भारत का मौसम भी गर्म है, इसलिए यहाँ हम आपको बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद हाइड्रेटेड रहने और स्वस्थ व तरोताजा महसूस करने के व्यावहारिक सुझाव देने का प्रयास करते हैं।

बेरियाट्रिक मरीजों के लिए हाइड्रेटेड रहना मुश्किल क्यों लगता है?

Why Does Staying Hydrated Seem Difficult for Bariatric Patients

बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद हाइड्रेटेड रहना अपने आप में मुश्किल नहीं है, लेकिन थोड़ी समझदारी की ज़रूरत है। अगर आपको सर्जरी से पहले से तरल पदार्थों के सेवन की पर्याप्त मात्रा और तरल पदार्थ लेने के तरीके के बारे में जानकारी नहीं है, तो यह कुछ चुनौतियों का कारण बन सकता है। लेकिन बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद के डाइट में की जानेवाली बढ़ोतरी (diet progression) के बारे में सर्जरी से पहले उचित परामर्श से, सर्जरी के बाद के इस शुरुआती चरण (initial phase) से अगले आहार चरणों (2nd and 3rd phase) की ओर प्रगति करना आसान हो जाता है। कई बार, मरीज़ इस बात को हल्के में लेते हैं और इसे महत्व नहीं देते। दरअसल, इसके पीछे कुछ कारण हैं।

एक कारण यह है कि उन्हें गिलास भर पानी गटकने की आदत होती है और उन्हें घूँट-घूँट कर पानी पीने की आदत नहीं होती। अब, जठर का साइज़ कम होने के कारण और टिस्यू पूरी तरह से ठीक नहीं हुए हैं वे बेरियाट्रिक सर्जरी के बाद शुरुआती दिनों में एक बार में एक गिलास पानी नहीं पी सकते। लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि कम से कम शुरुआती कुछ दिनों तक उन्हें घूँट-घूँट पानी पीकर थोड़ा रुकने की नीति अपनानी होगी। उन्हें अपने साथ पानी की बोतल रखनी चाहिए और बार-बार घूँट-घूँट करके पानी पीना चाहिए। शुरुआती दिनों में, अपने सर्जन और डायटीशियन की सलाह के अनुसार, पानी का एक घूँट लें, फिर कुछ मिनट रुकें और फिर से एक घूँट लें।

दूसरा, गर्मियों में, अत्यधिक पसीना आने पर हाइड्रेटेड रहने के लिए अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन भी बिगड़ जाता है। इस स्थिति में इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट्स के लिए अपने डायटीशियन से सलाह लेनी चाहिए।

तीसरा कारण है पानी की चुस्कियों का अविरत सेवन भूल जाना। जब वे अन्य कार्यो में व्यस्त होते हैं, तो वे पानी पीना भूल जाते हैं। हमारी सलाह है कि काम करते समय भी अपने साथ लिकविड पदार्थों से भरी एक बोतल जरूर रखें, ताकि आप काम करते हुए भी बार-बार पानी पी सकें। हमारे कई मरीज़ सर्जरी के कुछ दिनों बाद काम पर लौटने के बाद ऐसा करने में कामयाब रहे हैं।

एक और बात, हमने देखा कि मरीज़ सिर्फ़ पानी को हाइड्रेशन का ज़रिया मानते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि पानी हाइड्रेशन के लिए सबसे अच्छा और योग्य तरल पदार्थ है, लेकिन ऊब से बचने के लिए, हम भारतीयों के मुख्य आहार में खुद को हाइड्रेटेड रखने के और भी विकल्प हैं। ये विकल्प हैं पतला छाछ, नारियल पानी, छाना हुआ सूप, फलों का रस, चावल का पानी और दाल का सूप। मांसाहारी लोग चिकन का टुकड़ा निकालकर चिकन या बोन सूप ले सकते हैं। बस ध्यान रखने वाली बात यह है कि इन सभी को पीने से पहले छानना ज़रूरी है।

किसी को कैसे पता चलेगा कि वह डिहाइड्रेटेड है?

signs of dehydration

डिहाइड्रेशन के निम्नलिखित लक्षण हैं:

  • प्यास – यह एक प्रारंभिक संकेत है
  • सूखे होंठ और मुँह – यह कम लार (saliva) के कारण होता है
  • थकान और बेहोशी का एहसास
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • मस्क्युलर पेईन – अगर डिहाइड्रेशन थोड़ा ज़्यादा हो, तो इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण ऐसा होता है।
  • चिड़चिड़ापन – डिहाइड्रेशन संज्ञानात्मक (cognitive) कार्य को प्रभावित कर सकता है, जिससे मूड स्विंग हो सकते हैं।
  • गहरा पेशाब – हल्का पीला होना सामान्य है, और गहरा रंग डिहाइड्रेशन का संकेत देता है।

ये हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं। रिकवरी को आसान रखने के लिए अपने शरीर की आवाज़ सुनें और गंभीर डिहाइड्रेशन से बचने के लिए उचित उपाय करें।

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What Do Doctors Advise?- Practical Tips for Staying Hydrated

गटको नहीं, घूँट-घूँट पीओ

गटकना नहीं है, बल्कि घूँट-घूँट करके पानी पिएँ। हर कुछ मिनट में थोड़ा घूँट लें, लेकिन एक बार में एक गिलास पानी न पिएँ। हर जगह अपने साथ पानी से भरी एक बोतल रखें।

पानी पीने के लिए स्ट्रॉ का इस्तेमाल न करें

यह कोई नियम नहीं है, लेकिन छोटे पेट में ज़्यादा हवा जाने से रोकने के लिए यह सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे तकलीफ हो सकती है और पेट की कम जगह बिनज़रूरी हवा से घेर सकती है। इस सलाह के पीछे एक और बात यह है कि जब आप स्ट्रॉ के बिना पानी पीते हो तो आप धीरे-धीरे और सोच-समझकर (mindfully) पानी पी रहे होते हो ।

नियमितता ही सबसे ज़रूरी है

किसी भी गतिविधि के दौरान, चाहे वह दोस्तों के साथ बाहर जाना हो, ऑफिस मीटिंग हो, यात्रा हो, उत्सव हो, पढ़ाई हो या ऑफिस का काम हो, अपने साथ पानी की बोतल रखना न भूलें। खुद को याद दिलाने के लिए एक रिमाइंडर सेट कर लें।

भोजन के साथ पानी न पिएँ

भोजन के समय पानी पीने से बचें। भोजन से 30 मिनट पहले और 30 मिनट बाद तक पानी पीने के लिए प्रतीक्षा करें। पानी का सेवन पूरे दिन में यानि की सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक पूरा करने की कोशिश करें।

बहुत ज़्यादा गर्म या बहुत ज़्यादा ठंडे तापमान से बचें

बहुत ज़्यादा गर्म या बहुत ज़्यादा ठंडा पानी या कोई भी ड्रिंक्स न पिएँ।

कैफ़ीन का सेवन सीमित करें

कैफ़ीन के शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं, जैसे पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) में बाधा डालना। यह पेट में जलन पैदा करता है। इससे भूख कम लगती है, जो मरीजों को अपनी प्रोटीन की मात्रा के लक्ष्य तक पहुँचने में बाधा डालता है। लेकिन जहाँ तक हाइड्रेशन की बात है, इसका मूत्रवर्धक प्रभाव होता है। यह शरीर से पानी को बाहर निकाल देता है। बेरियाट्रिक के मरीजों के लिए, जो हाइड्रेटेड रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, यह एक गंभीर चिंता का विषय है।

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचें

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स जठर के फूलने का कारण बन सकते हैं। यह गैस जठर की थैली को बढ़ा सकती है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया में बाधा आती है।

मीठे ड्रिंक्स से बचें

मीठे ड्रिंक्स में कैलोरी तो अधिक होती है, लेकिन पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे ड्रिंक्स को empty calories कहा जाता है। ऐसे मीठे ड्रिंक्स से अपने छोटे जठर को भरने से आप आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित रह जाते हैं और वजन घटाने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसके अलावा, मीठे ड्रिंक्स जठर से आंतों में बहुत तेज़ी से पहुँचते हैं। इससे डंपिंग सिंड्रोम के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे उबकाई, उल्टी, पेट फूलना, पेट में दर्द, पसीना आना आदि।

शराब से बचें

क्योंकि यह डंपिंग सिंड्रोम का कारण बनता है, इसलिए इससे पूरी तरह बचना चाहिए।

इसे और भी ज़्यादा स्वादिष्ट बनाएँ लेकिन स्वास्थ्यवर्धक तरीके से

मानव स्वभाव को बोरियत से बचने के लिए विविधताओं की ज़रूरत होती है। जैसा कि पहले बताया गया है, पानी के विकल्प हैं पतला छाछ, नारियल पानी, छाना हुआ सूप, फलों का रस, चावल का पानी और दाल का सूप। मांसाहारी लोग चिकन, मछली या बोन का सूप, उसके टुकड़े निकालकर ले सकते हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार विभिन्न प्रकार के इन्फ्यूज्ड पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे खीरा, नींबू, अनानास, पुदीना, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, तुलसी, जीरा, अजवाइन और सौंफ का पानी, आदि। बस ध्यान रखें कि सभी पानी को पीने से पहले छानना ज़रूरी है।

अपने सेवन पर नज़र रखें

कम से कम कुछ दिनों तक नियमित रूप से अपने पानी के सेवन पर नज़र रखें। दिन में 17 घंटे तक हर 1 घंटे में लगभग 150-200 मिलीलीटर पानी पीने की कोशिश करें। (उदाहरण के लिए – सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक)। कुल मिलाकर, लगभग 2000-2500 मिलीलीटर पानी/अन्य ड्रिंक्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

अपने डॉक्टर की सलाह मानें

हर मरीज़ का इलाज अलग होता है। अपनी तुलना दूसरे मरीज़ों से न करें। अपने डॉक्टर की सलाह मानें।

निष्कर्ष

आपकी स्वास्थ्य यात्रा आपकी अपनी है। चाहे आप बढ़े हुए वजन से, मोटापे से या मोटपे के साथ अन्य बीमारियों से जूझ रहे हों, सही दृष्टिकोण से इलाज का होना बहुत फर्क ला सकता है। डॉ. चिराग का दृष्टिकोण मरीज को ठीक से समझाना, सर्जरी के हर पहलू पर बारीकी से ध्यान देना और मरीजों की सहानुभूति से देखभाल करने पर केंद्रित है।

अगर आप अहमदाबाद में सर्वश्रेष्ठ वेइट लॉस, ओबेसिटी और बेरियाट्रिक सर्जन डॉक्टर की तलाश कर रहे हैं, तो ऐसे विशेषज्ञ की तलाश करें जो अपनी मेडिकल ऐक्सपर्टिस को दर्दी-प्रथम दृष्टिकोण के साथ जोड़ता हो। आपके ठीक होने की यात्रा आपके इलाज के विकल्पों को समझने और एक विश्वसनीय डॉक्टर के साथ काम करने से शुरू होता है। मार्गदर्शन के लिए हमें संपर्क करे।

आप डॉ चिराग ठक्कर के साथ वीडियो कन्सल्टेशन बुक कर सकते हैं। अपॉइंटमेंट तय करने के लिए +91-8156078064 या +91-8469327630 पर कॉल करें या हमसे संपर्क करें। कन्सल्टेशन के लिए एड्रोइट सेन्टर फॉर डायजेस्टिव एन्ड ओबेसिटी सर्जरी की विज़िट करे।

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डॉ. चिराग ठक्कर एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं। वे पिछले 18 वर्षों से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और वजन घटाने/बैरिएट्रिक सर्जरी कर रहे हैं। GERD, हायटस हर्निया और मेदस्विता की सर्जरी उनकी रुचि और विशेषज्ञता के मुख्य क्षेत्र हैं। एसिड रिफ्लक्स/GERD के उपचार के लिए, एड्रोइट भारत में अग्रणी केंद्रों में से एक है, जो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएँ प्रदान करता है।जटिल और बार-बार हो रहे हर्निया के लिए लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी के मामले में भी उनके मरीजों में सर्जरी के बाद कम से कम दर्द और सबसे अच्छी कार्यक्षमता प्रदान करनेवाले परिणाम के साथ मरीजों को तेजी से स्वास्थ्य की पुनःप्राप्ति होती है। पित्ताशय की पथरी के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में भी उनका बहुत अनुभव है।

Dr. Chirag Thakkar
Dr.Chirag Thakkar
Senior Gastrointestinal and Bariatric Surgeon
GERD and Esophageal Motility Expert
Hernia Surgery Specialist
Founder Director of ADROIT Centre for Digestive and Obesity Surgery