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Dr.Chirag Thakkar
Hernia in Elderly Patients: Safe Treatment Options Hindi

बुज़ुर्ग मरीज़ों में हर्निया: उनकी आम स्वास्थ्य समस्याओं के साथ सुरक्षित उपचार विकल्प


विषय-सूची:

ज़्यादातर लोगों में उम्र बढ़ने के साथ कमज़ोरी आती है और शारीरिक गतिविधियाँ करने में दिक्कत होती है। सिर्फ़ वही लोग जो अपनी मांसपेशियों की ताकत बनाए रखते हैं, उन्हें ये समस्याएँ नहीं होतीं या कम होती हैं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, शरीर के अंदर हो रहे छोटे मोटे घाव को ठीक होने का प्रोसेस भी धीमा हो जाता है। ऐसे हालात में, बुज़ुर्गों में होने वाली एक आम समस्या हर्निया है। हर्निया में, पेट की दीवार की मांसपेशियों की कमजोर जगह से अंदरूनी अंग जैसे कि आंतें और फैटी टिश्यू बाहर निकल आते हैं। यह वंक्षण (पेट और जांघ के बीच का भाग) के हिस्से में आम है, और ऐसे हर्निया को इंग्वाइनल हर्निया कहा जाता है। यह महिलाओं की तुलना में पुरुषों में काफी आम है।

बुज़ुर्गों को युवाओं की तुलना में हर्निया होने का खतरा ज़्यादा क्यों होता है?

Causes of weak abdominal wall with age Hindi.

उम्र के साथ, पेट की दीवार कमज़ोर हो जाती है, और अगर इस दीवार पर दबाव बढ़ता है, तो इससे पेट की दीवार में खामी हो सकती है। आखिर में, इन खामियों से हर्निया हो जाता है। बुज़ुर्ग मरीज़ों में, कई तरह की मेडिकल समस्याएँ और कुछ ऐसी गतिविधियाँ होती हैं जिनसे पेट की दीवार पर दबाव बढ़ जाता है। जैसे,

  • सांस की बीमारी या धूम्रपान की वजह से पुरानी खांसी
  • कब्ज और मल त्याग करते समय बार-बार ज़ोर लगाना
  • पेट की पिछली सर्जरी
  • बढ़े हुए प्रोस्टेट की वजह से यूरिन पास करने में दिक्कत होना
  • कुछ चलने-फिरने की दिक्कतों की वजह से उन्हें कुछ शारीरिक गतिविधियाँ गलत पोस्चर में करनी पड़ती हैं
  • मोटापा

ये आम कारण हैं जिनकी वजह से बुज़ुर्ग लोगों को हर्निया होने का खतरा ज़्यादा होता है।

बुज़ुर्ग मरीज़ों में संभावित सर्जिकल जोखिम से निपटने के लिए सर्जरी से पहले क्या योजना बनाई जाती है?

 Pre-surgical assessment for elderly patients Hindi.

बुज़ुर्ग मरीज़ों के लिए ऑपरेशन से पहले की पूरी जांच, उम्र से जुड़े जोखिमों और मौजूदा पुरानी बीमारियों की नियमित जांच से आगे बढ़कर, विशेष होनी चाहिए। इससे मरीज़ों की सर्जिकल फिटनेस की पुष्टि करने, मौजूदा पुरानी बीमारियों को कन्ट्रोल में लाने में और संभावित कॉम्प्लीकेशंस का अंदाज़ा लगाने में मदद मिलती है।

  • गहरी मेडिकल जांच

इसमें हर मरीज़ की ज़रूरतों के हिसाब से ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, कार्डियोवैस्कुलर जांच, पल्मोनरी फंक्शन की जांच, यूरोलॉजिकल जांच वगैरह शामिल हैं। यह उन जोखिम फैक्टर्स की पहचान करने के लिए ज़रूरी है जो सर्जरी को मुश्किल बना सकते हैं।

  • सर्जरी से पहले की सभी दवाओं का रिव्यू

ब्लीडिंग और दवाइयों के इंटरेक्शन के खतरे को कम करने के लिए, सर्जरी से पहले की सभी दवाएँ – जिसमें खून पतला करने वाली दवाएँ, एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएँ, सप्लीमेंट और डायबिटीज़ की दवाएँ शामिल हैं, उन सब का ध्यान से रिव्यू किया जाता है और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें एडजस्ट या कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है।

  • पोषण का मूल्यांकन

बुज़ुर्ग मरीज़ अक्सर कुपोषित होते हैं, और इससे रिकवरी और ठीक होने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। आसानी से ठीक होने के लिए, प्रोटीन और ज़रूरी विटामिन लेने की डाइट की सलाह मददगार होगी।

सर्जरी के बाद कौन सी देखभाल बुज़ुर्ग हर्निया के मरीज़ों को सबसे अच्छी कार्यक्षमता के परिणाम पाने में मदद करती है?

Safer surgical planning for elderly hernia patients Hindi.

एक खास तौर पर तैयार किया गया सर्जरी के बाद का केयर प्लान रिकवरी को बिना किसी परेशानी के, आसानी से, तेज़ी से और बिना दर्द के बनाने में मदद करता है।

  • पेन मैनेजमेंट

लेप्रोस्कोपी और रोबोटिक्स जैसे मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया (ऐसी सर्जरी जिसमें बड़े चीरे के बदले छोटे-छोटे छिद्र किए जाते हैं) ने दर्द के लेवल को बहुत कम कर दिया है। सही पेन किलर से दर्द को असरदार तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है, और हमारे मरीज़ सर्जरी के बाद अपनी नाक या प्राइवेट पार्ट से कोई ट्यूब निकाले बिना उठते हैं। हम सर्जरी के दौरान नियमित तौर पर नर्व ब्लॉक (दर्द कम करने के लिए आपकी नसों को सुन्न करने वाले इंजेक्शन) भी देते हैं, जिससे सर्जरी के बाद का दर्द और पेन-किलर की ज़रूरत कम हो जाती है। सर्जरी के बाद जब मरीज़ उठते हैं तो उन्हें बहुत कम दर्द होता है, वे कुछ घंटों में चलने-फिरने लगते हैं, और खुद वॉशरूम जाते हैं। उनमें से ज़्यादातर उसी दिन खाते-पीते हैं और उसी दिन या अगले दिन घर चले जाते हैं।

  • जल्दी चलने-फिरने में मदद

जैसे ही मरीज़ चलने लगते हैं, हमारी टीम मरीज़ को धीरे-धीरे चलने के लिए प्रोत्साहित करती है। इससे खून की गुठलियाँ (ब्लड क्लॉट) बनने से रोकने और फेफड़ों के काम को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, कोई भी ज़्यादा मेहनत वाली गतिविधि करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे हर्निया दोबारा हो सकता है।

  • खाने-पीने की सलाह

कब्ज़ उन मुख्य वजहों में से एक है जिस पर सर्जरी के बाद भी सबसे पहले ध्यान देना चाहिए। फाइबर वाली डाइट और अच्छी मात्रा में पानी पीने से इसे रोकने में मदद मिलती है। अगर इलाज ना हो और कब्ज़ बना रहता है तो वह हर्निया वाली जगह पर दबाव डालता है और ठीक होने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

हर्निया के बुज़ुर्ग मरीज़ों के लिए सुरक्षित सर्जरी और बेहतर नतीजों को पक्का करने के लिए हम इस नाजुक स्थिति को ध्यान से कैसे मैनेज करते हैं?

Strategic Surgical Planning for Safer Outcomes in Elderly Hernia Patients Hindi

मुश्किल हर्निया सर्जरी में डॉ. चिराग ठक्कर का गहरा अनुभव और उनकी बारीक सर्जिकल स्किल तो है ही, लेकिन इसके साथ-साथ वे सर्जरी की योजना इस तरह तैयार करते हैं कि पूरी प्रक्रिया सरल और सुरक्षित बनी रहे। विशेष रूप से बुज़ुर्ग मरीज़ों में उनकी कुछ योजना बहुत कारगर साबित हुई है। जैसे कि:

  • एंटीप्लेटलेट्स जारी रखना

डॉ. चिराग सर्जरी को इस तरह से मैनेज करते हैं कि ब्लीडिंग कम से कम हो और वे सर्जरी के दौरान एंटीप्लेटलेट यानी खून पतला करने वाली दवाएँ जैसे एस्पिरिन वगैरह जारी रखना पसंद करते हैं। इससे ब्लड क्लॉट से जुड़ी किसी भी समस्या जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, स्टेंट थ्रोम्बोसिस वगैरह का खतरा कम हो जाता है।

  • नर्व ब्लॉक (लोकल एनेस्थीसिया) का इस्तेमाल

जब सर्जरी जनरल एनेस्थीसिया (सर्जरी के दौरान मरीज़ों को पूरी तरह सुला देना) में की गई हो तब भी, हम नियमित तौर पर रीजनल नर्व ब्लॉक देते हैं। ये ब्लॉक, लोकल एनेस्थीसिया देकर खास नसों को सुन्न करते हैं, जिससे दर्द से बहुत अच्छी राहत मिलती है, पेनकिलर की जरूरत कम रहती है, और रिकवरी तेज़ी से होती है। दर्द कम होने से, सर्जरी के बाद पहले एक या दो दिन ज़्यादा आरामदायक होते हैं। इससे मरीज़ जल्दी चल-फिर पाते हैं और अस्पताल में कम समय तक रहने की ज़रूरत रहती है। हमारे ज़्यादातर मरीज़ सर्जरी वाले दिन ही खुद चलने लगते हैं और सर्जरी के अगले दिन उन्हें छुट्टी दे दी जाती है।

  • सर्जरी का समय

आमतौर पर, हम दोपहर में सर्जरी शेड्यूल करना पसंद करते हैं। इससे बुज़ुर्ग मरीज़ों को रेगुलर नाश्ता और रात का खाना मिल जाता है। इससे उनका नॉर्मल एनर्जी लेवल बनाए रखने में मदद मिलती है।

आपकी स्वास्थ्य यात्रा आपकी अपनी है। चाहे आप छोटे या बड़े हर्निया से जूझ रहे हों, सही दृष्टिकोण से इलाज का होना बहुत फर्क ला सकता है। डॉ. चिराग ठक्कर का दृष्टिकोण मरीज को ठीक से समझाना, सर्जरी के हर पहलू पर बारीकी से ध्यान देना और मरीज़ों की सहानुभूति से देखभाल करने पर केंद्रित है।

अगर आप अहमदाबाद में सर्वश्रेष्ठ हर्निया डॉक्टर की तलाश कर रहे हैं, तो ऐसे विशेषज्ञ की तलाश करें जो अपनी मेडिकल ऐक्सपर्टिस को मरीज़-प्रथम दृष्टिकोण के साथ जोड़ता हो। आपके ठीक होने की यात्रा एक विश्वसनीय चिकित्सक के साथ काम करने और आपके इलाज के विकल्पों को समझने से शुरू होती है। मार्गदर्शन के लिए हमें संपर्क करें।

आप डॉ. चिराग ठक्कर के साथ वीडियो कंसल्टेशन बुक कर सकते हैं। अपॉइंटमेंट तय करने के लिए +91-8156078064 या 
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एड्रोइट में, हम न केवल आपके हर्निया का उपचार करते हैं, बल्कि सर्जरी के बाद मरीज़ों को सर्वोत्तम संभव कार्यक्षमता प्राप्त कराने का और हमारे मरीज़ों को एक बहुत ही सहज और आरामदायक सर्जरी का अनुभव देने का लक्ष्य रखते हैं। जटिल और बार-बार होने वाले हर्निया के लिए की जानेवाली लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी के मामले में भी, मरीज़ सर्जरी के बाद कम से कम दर्द और सबसे अच्छे कार्यात्मक परिणाम के साथ तेजी से ठीक हो जाते हैं।

डॉ. चिराग ठक्कर एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन हैं। वे पिछले 18 वर्षों से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और वजन घटाने/बैरिएट्रिक सर्जरी कर रहे हैं। GERD, हायटस हर्निया और मोटापे की समस्या की सर्जरी उनकी रुचि और विशेषज्ञता के मुख्य क्षेत्र हैं। एसिड रिफ्लक्स/GERD के उपचार के लिए, एड्रोइट भारत में अग्रणी केंद्रों में से एक है, जो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएँ प्रदान करता है। पित्ताशय की पथरी के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में भी उनका बहुत अनुभव है।

Dr. Chirag Thakkar
Dr.Chirag Thakkar
Senior Gastrointestinal and Bariatric Surgeon
GERD and Esophageal Motility Expert
Hernia Surgery Specialist
Founder Director of ADROIT Centre for Digestive and Obesity Surgery

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